खाते में मिनिमम बैलेंस रखने पर SBI ने दी राहत
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भारतीय स्टेट बैंक ने सोमवार को बड़े शहरों के बचत खाते की मासिक औसत बैलेंस (एमएबी) की राशि की सीमा घटाकर 3000 रुपये कर दी. इससे पहले शहरी इलाकों के बचत खातों के मासिक औसत बैलेंस की राशि पांच हजार रुपये थी जबकि ग्रामीण इलाकों के लिए 1000 रुपये तय किया गया था.
एसबीआई ने कहा कि पेंशनधारकों और नाबालिगों को न्यूनतम औसत बैलेंस बरकरार नहीं रखने की छूट दी गई है. इनमें वित्तीय समावेशन खाता, मूल बचत जमा खाता, लघु खाता, पहली उड़ान और पहला कदम खाता भी शामिल है.
साथ ही एसबीआई ने बताया कि सभी जनसंख्या समूहों और श्रेणियों के मासिक औसत बैलेंस के रखरखाव में 20% से 50% तक संशोधन किया गया है.
इससे पहले, बैंक ने कहा था, "एसबीआई के संशोधित शुल्कों की सूची के अनुसार, खातों में मासिक औसत बैलेंस राशि को नहीं रख पाने पर 100 रुपये तक का जुर्माना और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया जाएगा.

भारतीय स्टेट बैंक ने सोमवार को बड़े शहरों के बचत खाते की मासिक औसत बैलेंस (एमएबी) की राशि की सीमा घटाकर 3000 रुपये कर दी. इससे पहले शहरी इलाकों के बचत खातों के मासिक औसत बैलेंस की राशि पांच हजार रुपये थी जबकि ग्रामीण इलाकों के लिए 1000 रुपये तय किया गया था.
एसबीआई ने कहा कि पेंशनधारकों और नाबालिगों को न्यूनतम औसत बैलेंस बरकरार नहीं रखने की छूट दी गई है. इनमें वित्तीय समावेशन खाता, मूल बचत जमा खाता, लघु खाता, पहली उड़ान और पहला कदम खाता भी शामिल है.
साथ ही एसबीआई ने बताया कि सभी जनसंख्या समूहों और श्रेणियों के मासिक औसत बैलेंस के रखरखाव में 20% से 50% तक संशोधन किया गया है.
इससे पहले, बैंक ने कहा था, "एसबीआई के संशोधित शुल्कों की सूची के अनुसार, खातों में मासिक औसत बैलेंस राशि को नहीं रख पाने पर 100 रुपये तक का जुर्माना और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया जाएगा.
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