ऑस्कर के लिए ना चुने जाने पर ये बोले 'बाहुबली' के डायरेक्टर
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एस. एस. राजामौली इस साल अपनी फिल्म 'बाहुबली 2: द कनक्लूजन' के ऑस्कर में शामिल न होने से निराश नहीं हैं. फिल्मकार का कहना है कि उनका लक्ष्य कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाना और पुरस्कार जीतने के बजाय टीम के लिए पैसा बनाना है.
राजामौली ने कहा, "बिलकुल भी नहीं (इस साल ऑस्कर की दौड़ में पीछे होने से निराश नहीं), जब मैं फिल्म बनाता हूं तो कभी पुरस्कार के बारे में नहीं सोचता. यह मेरा लक्ष्य नहीं है. मेरा पहला लक्ष्य खुद कहानी से संतुष्ट होना और फिर दर्शकों की अधिकतम संख्या तक पहुंचना है और उनके लिए पैसा कमाना, जिन्होंने इसमें अपनी जान लगाई है."
उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए सबसे जरूरी है. अगर पुरस्कार मिलता है, तो मैं खुश हूं. अगर नहीं तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि यह मेरे मानदंडों पर नहीं है."
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावी पृष्ठभूमि पर निर्मित हिंदी फिल्म 'न्यूटन' ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में नॉमिनेट की गई है. माना जा रहा है कि 'बाहुबली 2: द कनक्लजन' भी इस दौड़ में थी.

एस. एस. राजामौली इस साल अपनी फिल्म 'बाहुबली 2: द कनक्लूजन' के ऑस्कर में शामिल न होने से निराश नहीं हैं. फिल्मकार का कहना है कि उनका लक्ष्य कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाना और पुरस्कार जीतने के बजाय टीम के लिए पैसा बनाना है.
राजामौली ने कहा, "बिलकुल भी नहीं (इस साल ऑस्कर की दौड़ में पीछे होने से निराश नहीं), जब मैं फिल्म बनाता हूं तो कभी पुरस्कार के बारे में नहीं सोचता. यह मेरा लक्ष्य नहीं है. मेरा पहला लक्ष्य खुद कहानी से संतुष्ट होना और फिर दर्शकों की अधिकतम संख्या तक पहुंचना है और उनके लिए पैसा कमाना, जिन्होंने इसमें अपनी जान लगाई है."
उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए सबसे जरूरी है. अगर पुरस्कार मिलता है, तो मैं खुश हूं. अगर नहीं तो भी मुझे कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि यह मेरे मानदंडों पर नहीं है."
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावी पृष्ठभूमि पर निर्मित हिंदी फिल्म 'न्यूटन' ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में नॉमिनेट की गई है. माना जा रहा है कि 'बाहुबली 2: द कनक्लजन' भी इस दौड़ में थी.
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